यूपी पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण को लेकर बड़ा फैसला, आयोग गठन की अधिसूचना जारी
Major decision regarding OBC reservation in UP Panchayat
लखनऊ। कैबिनेट द्वारा त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को स्वीकृति दिए जाने के बाद इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। आयोग पंचायत निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग के पिछड़ेपन की प्रकृति और प्रभावों का अध्ययन कर अपनी सिफारिशें करेगा।
इसका कार्यकाल छह माह होगा। आयोग को अपनी रिपोर्ट तीन माह के अंदर अथवा राज्य राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अवधि के अंदर देना होगा। राज्य सरकार रिपोर्ट देने की अवधि बढ़ा भी सकती है।
पंचायती राज विभाग द्वारा सोमवार को देर रात जारी की गई अधिसूचना के मुताबिक यह आयोग ग्रामीण स्थानीय निकायों के आगामी चुनाव से पूर्व सभी ग्रामीण निकायों में पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व के बारे में आंकड़ों और तथ्यों के आधार पर अध्ययन और जांच करेगा।
आयोग अध्ययन के क्रम में केंद्रीय व राज्य सरकार के कार्यालयों, विभिन्न संगठनों, संस्थाओं व व्यक्तियों से सहायता ले सकेगा। विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं के साथ ही मान्यता प्राप्त शोध संस्थानों की सहायता भी ले सकता है।आयोग अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए राज्य के अंदर और देश के अन्य राज्यों में अध्ययन यात्रा भी कर सकेगा।
उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित किए जाने वाले इस आयोग में पिछड़े वर्ग से संबंधित मामलों का ज्ञान रखने वाले चार सदस्य होंगे। नियुक्ति के दिन से छह माह की अवधि तक अध्यक्ष व सदस्य पद पर बने रहेंगे। सरकार लोकहित में अध्यक्ष या किसी सदस्य को पद से हटा सकती है।